उत्तर प्रदेशनोएडा

2500 फ्लैट मालिकों का इंतजार होगा खत्म? नोएडा प्राधिकरण बदलेगा नियम

नोएडा में 2500 फ्लैट मालिकों को राहत की उम्मीद, प्राधिकरण बायलॉज बदलकर पुरानी कोऑपरेटिव सोसायटियों में व्यक्तिगत रजिस्ट्री का रास्ता खोलने की तैयारी में है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Noida Flat Registry: नोएडा की पुरानी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले करीब 2500 फ्लैट मालिकों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। लंबे समय से अटकी व्यक्तिगत रजिस्ट्री की समस्या को खत्म करने के लिए नोएडा प्राधिकरण नियमों और बायलॉज में बदलाव की तैयारी कर रहा है। बदलाव लागू होने के बाद पात्र फ्लैट मालिक अपने नाम से अलग-अलग रजिस्ट्री करा सकेंगे।

अलॉटमेंट लेटर है लेकिन रजिस्ट्री नहीं

पुरानी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटियों के कई फ्लैट मालिकों के पास सोसायटी की ओर से जारी अलॉटमेंट लेटर और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में व्यक्तिगत मालिकाना हक दर्ज नहीं है। इसी वजह से संपत्ति के ट्रांसफर और खरीद-बिक्री जैसे मामलों में उन्हें लंबे समय से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्राधिकरण अब बायलॉज में जरूरी संशोधन कर इस प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की दिशा में काम कर रहा है। नियमों में बदलाव के बाद पात्र सदस्यों के लिए व्यक्तिगत रजिस्ट्री का रास्ता खुल सकता है।

2500 परिवारों को सीधे फायदा

इस पहल का सबसे बड़ा असर करीब 2500 फ्लैट मालिकों पर पड़ने की उम्मीद है। व्यक्तिगत रजिस्ट्री होने से संपत्ति का मालिकाना हक सरकारी रिकॉर्ड में स्पष्ट हो सकेगा। इससे भविष्य में फ्लैट बेचने, ट्रांसफर कराने या अन्य संपत्ति संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करना भी आसान हो सकता है।

कहीं पावर ऑफ अटॉर्नी तो कहीं सदस्यता का विवाद

रजिस्ट्री की राह में सबसे बड़ी अड़चन सिर्फ नियम नहीं रहे हैं। कुछ पुरानी सोसायटियों में बिना जरूरी अनुमति पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए फ्लैट ट्रांसफर किए जाने की शिकायतें सामने आईं। वहीं कुछ मामलों में सदस्यता को लेकर भी विवाद रहे हैं। इन समस्याओं के कारण कई संपत्तियों के ट्रांसफर पर रोक जैसी स्थिति बनी और खरीद-बिक्री प्रभावित हुई। ऐसे में प्राधिकरण अब नियमों में बदलाव के साथ प्रक्रिया को स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है।

अभी करना होगा इंतजार

हालांकि, फिलहाल इसे तत्काल रजिस्ट्री शुरू होने का फैसला नहीं माना जा सकता। बायलॉज में संशोधन और संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही पात्र फ्लैट मालिकों को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा। अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो वर्षों से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हजारों लोगों के लिए संपत्ति का मालिकाना हक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने का रास्ता साफ हो सकता है।

ये भी पढ़ें: POCSO की FIR होते ही फरार हुआ स्वतंत्र भारद्वाज, बुलंदशहर में ऐसे चकमा देते पकड़ा गया

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »